दुनिया के 22 देशों ने शनिवार को ईरान से हमले रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की अपील की है। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत इन देशों ने पश्चिम एशिया में कमर्शियल जहाजों के साथ तेल और गैस सुविधाओं पर ईरान के हमलों की निंदा भी की है। उन्होंने शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा, '' ईरान की इन कार्रवाइयों का असर दुनिया के हर हिस्से के लोगों, खासकर सबसे कमजोर तबके पर पड़ेगा।'' इन देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट से जुड़े व्यापक आर्थिक जोखिमों पर भी जोर दिया है।
ईरान के हमलों की कड़ी निंदा
22 देशों के संयुक्त बयान में ईरान के उन कदमों की निंदा की गई है, जिन्हें कमर्शियल शिपिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ बताया गया है। इन देशों ने कहा, "हम खाड़ी में बिना हथियारों वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों, तेल और गैस प्लांट समेत आम लोगों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं।" इन देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते समुद्री आवाजाही को स्थिर करने के लिए मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई।
ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की अपील
संयुक्त बयान में आगे कहा गया है, "हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए सही प्रयासों में योगदान देने के लिए अपनी तत्परता व्यक्त करते हैं। हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो शुरुआती योजना बनाने में लगे हुए हैं।" बताते चलें कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद अपने नियंत्रण में आने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रणनीतिक और आर्थिक रूप से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समु्द्री रास्ता है, जहां से कुल वैश्विक तेल और गैस का 20-30 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
पूरी दुनिया में मची अफरा-तफरी
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की वजह से तेल और गैस की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। लिहाजा, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।